भारत में हैं मतदान दान
कहीं शर्म शर्म कहीं शान शान
हर तरफ हैं नेता खड़े खड़े
आपस में ऐसे भिडे भिडे
इक लोकसभा का खेल खेल
कोई पास हुआ कोई फेल फेल
जो जीतेगा वोह चतुर चतुर
बाकी सब होंगे तित्तर बित्तर
पैसे की है सब मोह माया
जो बदलेगी भारत काया
बिकता है यह इन्सान अभी
और कहते हैं उसको lobby
रैली में आने की कीमत
एक बिरयानी of चिक्केन है अब
मैं क्यूँ दून अपना कीमती मत
जब की शुरुआत ही गलत से अब?
अब पांच साल ना दिखेगा कोई
देश सेवा में जो सब अब होई
विश्वास उठा है मेरा अब
इस सिस्टम और ड्रामे से अब
कभी दिल कहता है नेता हो जो
या हिटलर हो या स्टालिन वो
मेरे देश को जो कर सके revive
But the grass is greener on the other side
ऐसा नहीं की मैं सिर्फ़ करता सवाल
मस्तिष्क में काफी हैं ख़्याल
पर हर चीज़ का होता है समय समय
जो तय करता है विजय-पराजय
भारत में है मतदान दान
कहीं शर्म शर्म कहीं शान शान...
Wednesday, May 13, 2009
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
1 comment:
Kya ho gaya hai achanak.......CSR proj mein jaate hi, andar ka kavi kaise jaag utha
Post a Comment