Wednesday, June 17, 2009

Kuch khayal...

Some lines I penned down after a long time...

इक पल के लिए रुकेंगे
इक पल के लिए सहम जायेंगे
याद तोह बहुत सताएगी हमें
पर यादों के साथ जीना सीख जायेंगे

हम हमेशा से नहीं सोचते थे इस कदर
कुछ हमारा कुछ इसमें तुम्हारा है असर
ना मानो तुम इस बात को अब से
पर सच तोह सच है ना जाने कबसे

एक वादा कर बैठे हैं हम अपने आप से
याद में तुम्हारी ना बहाएंगे एक भी अश्रु
दिलाएँगे यह एहसास तुम्हें हर दम में
क्या खोया है तुमने अपने जीवन में

2 comments:

DK said...

do complete it

Arth said...

its as complete as it can get...